क से काली नहीं कौआ

क से काली नहीं, कौआ ,
प से पार्वती नहीं,पाड़ा।

भ से भोलेनाथ नहीं भैंस,
और ग से गणेश नहीं गिद्ध।

काली का क उतना ही है,
जितना की कौए का।
पार्वती का प उतना ही है
जितना की पाड़े का।

फिर भ से भोलेनाथ क्यों नहीं?
और क्यों नहीं ग से गणेश?

क्योंकि, कौए, पाड़े, भैंस और गिद्ध,
किसी एक धर्म के नहीं,
बल्कि सारे धर्मों के हैं ,
धर्म निरपेक्ष।

[IPR Lawyer & Poet] Delhi High Court, India Mobile:9990389539

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